
जम्मू
अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर की जनता से सीधे जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी ने कई संदेश देने की कोशिश की। अपने भाषण में दोनों ने 370 हटाने के फैसले को तर्कों से सही ठहराने का प्रयास किया। एक तो त्रिस्तरीय पंचायती राज की स्थापना का श्रेय 370 हटने को दिया तो दूसरी ओर प्रदेश में खुशहाली के रास्ते खुलने के सपने भी दिखाए। डीडीसी चुनाव में भारी वोटिंग को बदलाव का संकेत बताते हुए जम्हूरियत और शांति को जम्मू-कश्मीर के विकास का मंत्र करार दिया।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य सेहत योजना के शुभारंभ के मौके पर प्रधानमंत्री ने नाम लिए बगैर सभी विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। इसके लिए जम्मू, सांबा, कठुआ, राजोरी, पुंछ के सीमावर्ती इलाकों का विकास न करने और इलाके के पिछड़ेपन का जिम्मेदार ठहराते हुए यह भी संदेश दिया कि भाजपा ने उनकी चिंता की है। गोलाबारी से बचाने के लिए बॉर्डर इलाकों में बंकरों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर कराए जा रहे हैं। यह चाहे पूर्ववर्ती केंद्र की सरकार हो या फिर प्रदेश की, किसी भी सरकार ने इसकी चिंता नहीं की।
सीमावर्ती लोगों को चार प्रतिशत, पहाड़ी बोली वाले लोगों को आरक्षण का लाभ दिलाने की याद दिलाकर उन्हें यह बताने की कोशिश की कि भाजपा ही उनकी सच्ची हितैषी है। लोगों को सपने दिखाए कि पहले यहां उद्योग धंधे लगाने में कोई रुचि नहीं लेता था, लेकिन 370 हटने के बाद से स्थितियां बदली हैं। अब उद्योग-धंधे भी यहां आएंगे। केंद्रीय योजनाओं के लागू होने से लोगों को उनका हक मिलने का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में शांति बहाली के लिए 370 हटने को श्रेय देकर कर यह संदेश देने की कोशिश की कि इसी के चलते राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब थी। उन्होंने तो यहां तक कहा कि 1990 के दशक के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर में इतनी शांति है। डीडीसी चुनाव एक बूंद खून बहे बिना शांतिपूर्वक संपन्न हो गए। यह भी साफ संदेश दिया कि 5 अगस्त 2019 के बाद से प्रदेश में शांति और विकास का दौर शुरू हुआ है। बिना शांति के विकास संभव नहीं है। प्रधानमंत्री की ओर से पांच अगस्त के बाद किए गए सभी वायदे पूरे कर जम्मू-कश्मीर को बुलंदियों पर पहुंचाया जाएगा। यह तो अभी शुरुआत भर है। बुलंदी तो बाकी है।
सेब खरीद से कश्मीरियों को साधा
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों ने कश्मीरियों को भी साधा। उन्होंने सेब उत्पादकों के लिए सरकार की ओर से किए गए प्रयासों के बारे में बताया। कहा कि नेफेड से खरीद कराकर लाभकारी मूल्य दिलाया जा रहा है। इसके अलावा उत्पादन बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। घाटी में शांति को केंद्र बिंदु में रखकर उसे विकास का मंत्र बताते हुए आम कश्मीरियों को इससे होने वाले फायदे की ओर इशारा किया।
